राजकीय महाविद्यालय टनकपुर चंपावत
में देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित
किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अनुपमा तिवारी देवभूमि उद्यमिता योजना के नोडल अधिकारी डॉ० सुनील कुमार कटियार, कार्यक्रम संयोजक श्री जयेंद्र विक्रम तथा महाविद्यालय के प्राध्यापकों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दी
अपने उद्घाटन संबोधन में प्राचार्य डॉ, अनुपमा तिवारी ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए स्थानीय संसाधनों एवं पारंपरिक कौशल के आधार पर स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
देवभूमि उद्यमिता योजना के नोडल अधिकारी डॉ.सुनील कुमार कटियार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए आगामी बूट कैंप, उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) तथा मेगा स्टार्टअप समिट की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने महाविद्यालय में पूर्व में आयोजित उद्यमिता संबंधी गतिविधियों एवं उनकी उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान, अहमदाबाद से आए प्रोजेक्ट ऑफिसर जयेंद्र विक्रम ने विद्यार्थियों को उद्यमिता की अवधारणा, नवाचार के विभिन्न आयामों तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम की संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने समस्याओं की पहचान, नए विचारों का सृजन, अवसरों के मूल्यांकन, रचनात्मक सोच एवं व्यवसायिक विचारों को बाजार तक पहुँचाने की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी। साथ ही स्टार्टअप एवं पारंपरिक व्यवसाय के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए व्यवसाय हेतु पूंजी जुटाने के विभिन्न स्रोतों पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत उपलब्ध प्रशिक्षण, मेंटरशिप, वेंचर डेवलपमेंट सपोर्ट, हैंड-होल्डिंग एवं वित्तीय सहायता संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी साझा की। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॅा. एम एस चौहान ,डॉ. अब्दुल शाहिद,डॉ.सुमन कुमारी.डॉ. पंकज उपरेती डॉ.सुलतान सिंह यादव..डॉ. सुषमा मकड़,डॉ. विमल जोशी,डॉ. होशयार सिंह से. विजय डाला कोटी,डॉ. रोहित शर्मा,डॉ. ब्रह्म नन्द,डॉ.किरण,डॉ. पूनम,डॉ. मिनेक्षी,एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।









